Giloy for Covid : कोरोना पर ‘गुुुलेेल’ बन रहा है अमृत!

Giloy for Covid : कोरोना पर 'गुुुलेेल' बन रहा है अमृत!

Giloy for Covid : कोरोना पर ‘गुुुलेेल’ बन रहा है अमृत!

हमारे भारत देश में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, वहीं गुलेल (अम्रुतवेल) का पौधा ग्रामीण के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में काफी मांग में है। गुलेल शरीर की प्रतिकारक क्षमता प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करता है ।

कोरोनोवायरस (Corona virus)  संक्रमण के हालातों में लोगों द्वारा गुलेल को पसंद किया जा रहा है और बाजार में उसकी माँग की जा रही है । विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह बेल कई बीमारियों के लिए अमृत बन रही है।

यह गुलेल का पौधा काफी बीमारियों के लिए लाभदायक माना जा रहा है । यह गुलेल का पौधा डेंगू, चिकन पॉक्स, स्वाइन फ्लू के खिलाफ प्रभावी कार्य करता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह पौधा बड़ी संख्या में नीम के पेड़ों और आम के पेड़ों पर उगता पाया जाता है। नीम के पेड़ पर ऊगा हुआ गुलेल के पौधे की काफी मांग है। इस को केवल ग्रामीण क्षेत्रों के जानकार लोग ही जानते हैं।

जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण बढ़ा है, कई परिवार गुलेल की छड़ें खा रहे हैं। कुछ लोग बेलों को छोटे टुकड़ों में काटते हैं और रात में पानी में भिगो देते हैं। इस पानी का सुबह खाली पेट लेते हैं। इसके अलावा उस गुलेल के पौधों के लकड़ी को काटकर उसका काढ़ा बनाकर भी पिया जा सकता है।

गुलेल के फायदे

1. इम्युनिटी बढ़ाता है
2. बुखार उतर जाता है
3. पेट की समस्या
4 . मधुमेह के लिए उपचारात्मक
5. अस्थमा, खांसी और छोटे बच्चों में खांसी कम हो जाती है

ऐसा कहा जाता है कि जड़ों का सेवन बुखार, सर्दी, खांसी, सिरदर्द, ठंड लगना, मतली, बवासीर, हल्के दर्द, एसिडोसिस, पीलिया, पेट दर्द और मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करता है।

इस कोरोना महामारी के संक्रमण के समय मे इस गुलेल के पौधे का इस्तेमाल कीजिए और सेहत का खयाल रखें।

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